Tuesday, February 8, 2011

लखनऊ विश्विद्यालय में पहली बार लगा किताबों का मेला.......

मो इरफ़ान शाहिद
०५-०२-२०११| लखनऊ. लखनऊ के लोगों पर एक बार फिर किताबों का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है! इस बार कही और नहीं बल्कि लखनऊ विश्विद्यालय में नेशनल बुक ट्रस्ट दिल्ली द्वारा उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान और लखनऊ विश्विद्यालय के सहयोग से आयोजित इस पुस्तक मेले में लखनऊ के लोगों की रूचि और ज़रुरत के मद्दे नज़र सभी विषयों पर किताबे मौजूद है!
'नेशनल बुक ट्रस्ट' द्वारा आयोजित इस पुस्तक मेले में अपने आप से बाँध लेने वाली किताबों की भरी पूरी दुनिया है. खुद आओ जक संस्था नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टाल पर अलग - अलग उम्र और रूचि के पाठकों के लिए अलग -अलग किताबे सजी हुई हैं हिन्दी अंग्रेजी और उर्दू में प्रकाशित किताबों को लग भाग २२ विषय सूचियों में बांट रखा है! जिनमे 'भारत देश और लोग लोको पायोगी विज्ञान, आदान प्रदान राष्ट्रीय जीवन चरित अफरो एशियाई देश साहित्य निधी विश्व साहित्य निधी, हिन्दी नवजागरण के अम्र्दूत और नेहरु बाल पुस्तकालय के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तके खूब लोक प्रिय हो रही है !
हिन्दी पुस्तकों में विख्यात शिक्षा विध गिजू भाई बधेका की किताब 'गुलदस्ता' की जबरदस्त मांग है ! गुलदस्ता १० किताबों का एक सेट है जिसमे बच्चों को लुभाने वाले चित्रों के साथ कुल १०० कहानियों संकलित है! गीजू भाई का मानना था कि यदि बच्चों से प्यार का रिश्ता जोड़ना है तो उसकी नीव कहानी सुनाने से डाली जा सकती है! गीजू भाई ने कहानियों के इस खजाने को भारतीय लोक संस्कृति के बीच से बच्चों के तलाशा और सजाया सवारां था ! पाठकों के आकर्षण का केंद्र बनी अन्य पुस्तकों में 'हिन्दू पंच ' का बलिदान अंक, डाक टिकटों में भारत दर्शन, हमारी संसद, हमारा संविधान जैसी हिन्दी किताबे खूब बिक रही है तो अंग्रेजी में प्रकाशित ' मेडिएवल इंडिया', द स्टडी ऑफ़ सिविलैज़शन, वोमेन इन इंडियन सोसीईटी ,ग्लोबलैज़शन एंड डेवेलपमेंट, डेवेलपमेंट विद डिग्निटी, हयूमन राईट्स, इंडिया बाई अल बरूनी, पंचैती राज इन इंडिया, टेल्स फ्रॉम पंचतंत्र.... जैसी किताबों कि मांग बराबर बनी हुई है!
यूँ तो इस इसटाल पर सभी विषयों पर विविधता पूर्ण किताबे उपलब्ध है लेकिन ऐसी किताबे भी बड़ी संख्या में है जो इस इसटाल को पाठकों कि ख़ास पसंद बनाती है. यहा पर बच्चो के लिए किताबों कि एक बहू रंगी दुनिया है! इन किताबो में बच्चों के मनो विज्ञान के अनुरूप कहानिया, महा पुरूषों के जीवन कि रोचक कथाये, कवी ताए , विज्ञान और वातावरण से जुडी जान कारियां सभी कुछ मनोरंजक अंदाज़ में उपलब्ध है ! बच्चो कि ऐसी सम मोहक , ज्ञान वर्धक और मनो रंजक दुनिया नेशनल बुक ट्रस्ट के इसटाल को विशिष्ट बनाती है यहाँ पर भारत को आधुनिक भारत के रूप में खड़ा करने वालो महा पुरूषों कि जीवनी या भी मौजूद है जो पाठको के आकर्षण और खरीद के केंद्र में है! इस सूची महत्वपूर्ण राज नेताओं के साथ - साथ वैज्ञानिक, इंजीनिअर, शिक्षा विध और विचारक भी शामिल है!
नेशनल बुक ट्रस्ट के इसटाल पर हिन्दी के महत्वपूर्ण कथा कारों अमरकांत, मुद्रा राक्षश, मोहन राकेश, राजेन्द्र यादव जसे लेखको के साथ-साथ महा श्वेता देवी मनोज दास , गोपी नाथ महंती , मामोनी रेसम गो स्वामी , सौरभ चलिहा , जय कान्तं, कुरूतुल एन हैदर सहीत और भी अनेकों श्रेष्ट लेझाकों कि कहानियाँ और उपन्यास यहाँ मौजूद है! यहाँ पर सम्पूर्ण भारतीय कथा साहित्य का एक सम्पूर्णजीजा लिया जा सकता है इस क्रम में सभी भारतीय भाषाओं के प्रतिनिधी कथा संकल्नो के साथ साथ अफ्रीकी कहानियों का संग्रह ' तपते दिन लम्बी राते' इसे बेहद विशिष्ट बना देता है ! यह पुस्तक मेला १३ फरवरी २०११ तक लगा रहेगा !

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